Divine Celebrations: Janmashtami (2025-26)

Jan 16, 2026

जन्माष्टमी, भगवान कृष्ण की भक्ति और उनके जन्मोत्सव का प्रतीक है|कृष्ण भक्ति के त्योहार को भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है| ऐसा माना जाता है कि भगवान कृष्ण,विष्णु भगवान के अवतार है|

जन्माष्टमी के पावन अवसर पर,भगवान कृष्ण ने वासुदेव और देवकी के पुत्र के रूप मे अवतार लिया था,जो प्रेम,करुणा और धर्म की स्थापना के लिए इस धरा पर आए थे |भगवान का यह अवतार मथुरा के कारगार मे हुआ था, जन्म के तुरंत बाद वासुदेव जी उन्हे गोकुल मे नन्द बाबा के घर पहुंचा आए थे तभी कहा जाता है कि “नन्द के आनन्द भयो ,जय कन्हैया लाल की“

गजदर इंग्लिश मीडियम स्कूल मे जन्माष्टमी के पावन अवसर पर भक्तिमय माहौल मे कृष्ण जन्म पूजा,आरती और प्रसाद का आयोजन किया गया| स्कूल प्रांगण मे आयोजित इस कार्यक्रम मे छात्र -छात्रों और शिक्षिकाओं ने बढ़ –चढ़कर भाग लिया| स्कूल मे आयोजित जन्माष्टमी के कार्यक्रम मे छोटे –छोटे बच्चो ने राधा कृष्ण के रूप मे अपनी अदाकारी और प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया|राधा और कृष्ण ने आशीर्वाद के रूप में करुणा और प्रेम का संदेश दिया | स्कूल के बच्चों ने कृष्ण लीला से परिपूर्ण चित्रों की झांकी लगाई, जिस में बच्चों ने अपनी रचनात्मकता और काल्पनिक शक्ति का प्रदर्शन किया | इस आयोजन का उद्देश्य बच्चों मे भगवान कृष्ण की भक्ति और उनके आदर्शों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था, कार्यक्रम का आयोजन सफलता पूर्वक किया गया और सभी को भगवान के आशीर्वाद स्वरूप  में मोरपंख प्राप्त हुआ |